आखिर क्या है लॉकडाउन, धारा-144, कर्फ्यू ? What is the lockdown, Section 144, curfew
![]() |
What-is-the-lockdown |
What is a lockdown?
लॉकडाउन शब्द सुनते ही कुछ लोग इसकी कर्फ्यू से तुलना करते हुए डर जाते हैं| लॉकडाउन की संभावना के चलते ही दुकानों पर मारामारी हो जाती है औऱ लोग डरकर सामान खरीदना शुरू कर देते हैं|
लॉकडाउन क्या होता है ?
What is a lockdown?
सरल भाषा में कहे तो लॉकडाउन का अर्थ है तालाबंदी|
लॉकडाउनएक आपातकालीन प्रोटोकॉल है। आपातकालीन स्थिति में लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा यह प्रतिबंध लगाया जाता है। जिस शहर को लॉकडाउन किया जाता है उस शहर में कोई भी व्यक्ति घर से बाहर नहीं निकल सकता है। वह स्वयं को घर में कैद कर लेता है। मात्र अति आवश्यक कार्य के लिए लोग घर सेे बाहर निकल सकते हैं। २०२० में कोरोनावायरस से बचाव के उद्देश्य से भारत के विभिन्न शहरों में लॉकडाउन लगाया गया |
लॉकडाउन कब लागु किया जाता है ?
when is the lockdown done?
When is the lockdown implemented?
लॉकडाउन एक आपदा व्यवस्था है जो किसी आपदा या महामारी के वक्त सरकारी तौर पर लागू की जाती है|
लॉकडाउन में कौन कौन सी दुकाने खुल सकती है ?
Which shops can open in lockdown?
जिस इलाके में लॉकडाउन किया गया है उस क्षेत्र के लोगों को घरों से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होती है|
उन्हें सिर्फ दवा और अनाज जैसी जरूरी चीजों की खरीदारी के लिए ही बाहर आने की इजाजत मिलती है, इस दौरान वे बैंक से पैसे निकालने भी जा सकते हैं|
जिस तरह किसी संस्थान या फैक्ट्री को बंद किया जाता है और वहां तालाबंदी हो जाती है उसी तरह लॉक डाउन का अर्थ है कि आप अनावश्यक कार्य के लिए सड़कों पर ना निकलें|
अगर आपको लॉकडाउन की वजह से किसी तरह की परेशानी हो तो आप संबंधित पुलिस थाने, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक अथवा अन्य उच्च अधिकारी को फोन कर सकते हैं|
लॉकडाउन जनता की सहूलियत और सुरक्षा के लिए किया जाता है |
सभी प्राइवेट और कॉन्ट्रेक्ट वाले दफ्तर बंद रहते हैं, सरकारी दफ्तर जो जरूरी श्रेणी में नहीं आते, वो भी बंद रहते हैं|
लॉकडाउन एक ऐसा आपातकालीन प्रोटोकॉल है जिसके तहत शहर या प्रदेश में रहने वाले लोगों को क्षेत्र छोड़कर जाने या घर से बाहर निकलने पर पूरी तरह से रोक लगाता है|
यह भारत में पहले कब लागु किया गया था ?
When was it first implemented in India?
भारत में लोगों को घरों में रखने के लिए कर्फ्यू या धारा 144 जैसे कानून का सहारा लेते रहे हैं।
मगर लॉकडाउन का इस्तेमाल भारत में पहली बार हो रहा है। इसका सीधा सा मतलब है कि जरूरी सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद रहेगा।
क्या है धारा-144 और कब लगाई जाती है ?
What is Section -144 and when is it imposed?
सीआरपीसी की धारा 144 शांति कायम करने या किसी आपात स्थिति से बचने के लिए लगाई जाती है। किसी तरह के सुरक्षा, स्वास्थ्य संबंधित खतरे या दंगे की आशंका हो। धारा-144 जहां लगती है, उस इलाके में पांच या उससे ज्यादा आदमी एक साथ जमा नहीं हो सकते हैं। धारा लागू करने के लिए इलाके के जिलाधिकारी द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी किया जाता है। धारा 144 लागू होने के बाद इंटरनेट सेवाओं को भी आम पहुंच से ठप किया जा सकता है। यह धारा लागू होने के बाद उस इलाके में हथियारों के ले जाने पर भी पाबंदी होती है।
कब तक लग सकती है धारा-144?
How long can section-144 take?
धारा-144 को 2 महीने से ज्यादा समय तक नहीं लगाया जा सकता है। अगर राज्य सरकार को लगता है कि इंसानी जीवन को खतरा टालने या फिर किसी दंगे को टालने के लिए इसकी जरूरत है तो इसकी अवधि को बढ़ाया जा सकता है। लेकिन इस स्थिति में भी धारा-144 लगने की शुरुआती तारीख से छह महीने से ज्यादा समय तक इसे नहीं लगाया जा सकता है।
सजा का प्रावधान
provision of punishment
गैर कानूनी तरीके से जमा होने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ दंगे में शामिल होने के लिए मामला दर्ज किया जा सकता है। इसके लिए अधिकतम तीन साल कैद की सजा हो सकती है।
धारा-144 और कर्फ्यू के बीच फर्क ?
Difference between Section 144 and Curfew ?
ध्यान रहे कि सेक्शन 144 और कर्फ्यू एक चीज नहीं है। कर्फ्यू बहुत ही खराब हालत में लगाया जाता है। उस स्थिति में लोगों को एक खास समय या अवधि तक अपने घरों के अंदर रहने का निर्देश दिया जाता है। मार्केट, स्कूल, कॉलेज आधि को बंद करने का आदेश दिया जाता है। सिर्फ आवश्यक सेवाओं को ही चालू रखने की अनुमति दी जाती है। इस दौरान ट्रैफिक पर भी पूरी तरह से पाबंदी रहती है।
कर्फ्यू क्या है?
Curfew Kya Hai?
सीधे शब्दों में कहें तो यह एक ऐसा प्रतिबंधात्मक और आपात आदेश है, जिसके जरिये किसी क्षेत्र में गंभीर स्थितियों के मद्देनजर सामान्य जन पर आवाजाही के साथ ही अन्य प्रतिबंध लागू कर दिए जाते हैं। ऐसा इसलिए ताकि किसी भी दंगे या हिंसा जैसी अप्रिय स्थिति में लोगों के जान माल की सुरक्षा की जा सके।
कर्फ्यू क्यों लगाया जाता है ?
Why is curfew imposed?
किसी स्थान पर हिंसा, दंगा या फसाद की वजह से हालात बिगड़ जाते हैं तो वहां कर्फ्यू लगाया जाता है। इससे ऐन पहले धारा-144 लगाकर लोगों से जल्द से जल्द उनके घरों को लौटने को कहा जाता है। विभिन्न प्रचार माध्यमों से लोगों तक Curfew लगाए जाने संबंधी जानकारी पहुंचाई जाती है कि अमुक क्षेत्र में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।
पंजा वैष्णव तेज की बायोग्राफी |



0 टिप्पणियाँ