What is going to happen on 29th April 2020?
29 april ko kya hone wala hai?
29 अप्रैल 2020 को क्या होने वाला है?
on 29 april 2020 what will happen |
कोरोना वायरस (coronavirus) का कहर दुनिया के कई देशों में बढ़ता जा रहा है। भारत भी इस महामारी की चपेट में आ चुका है। संक्रमण की चपेट में आने से मौत के आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं। संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। लोग इस महामारी को लेकर पहले से ही सहमे हुए हैं, ऐसे में एक और बड़ी घटना दुनिया का इंतजार कर रही है? सोशल मीडिया पर लगातार इस तरह की खबरें जोर पकड़ती जा रही है कि 29 अप्रैल तक दुनिया खत्म हो जाएगी। लोग इस तरह के भ्रम में आकर खबर पर आसानी से यकीन भी कर ले रहें हैं जबकि इन खबरों में कोई दम नहीं ये महज कोरी अफवाह है।
एक उल्का पिंड यानी एस्टेरॉयड पृथ्वी के निकट से गुजरने वाला है। वैज्ञानिकों और आम लोगों सभी के लिए यह आकर्षण का केंद्र है। यह बेहद तेज है और विशाल भी। करीब 1.2 मील चौड़ा यह पिंड अपने निर्धारित समय पर बिजली की गति से तेजी से नजदीक आता जा रहा है। ठीक 29 अप्रैल की सुबह साढ़े पांच बजे यह हमारी धरती के करीब होगा। यह उल्का पिंड धरती से टकराएगा या नहीं, इस पर सोशल मीडिया पर खूब बातें हो रही हैं। हालांकि नासा के वैज्ञानिकों ने आश्वस्त किया है कि यह सुरक्षित फासले से पृथ्वी के पास से गुजर जाएगा और पृथ्वी बच जाएगी। खास बात यह है कि इसकी रफ्तार 19 हजार किलोमीटर प्रति घंटा है। इसकी ताजा तस्वीर सामने आई है। मजे की बात यह है कि इसकी आकृति किसी मॉस्क लगाए चेहरे जैसी नज़र आ रही है।
मॉस्क जैसी आकृति का कारण इस पर मौजूद पहाड़ी नुमा स्थान और खाली मैदानों की लकीरें हैं। जब यह धरती के पास होगा तब इसकी दूरी पृथ्वी व चांद की दूरी की 15 गुना दूरी के समान होगी। धरती से चांद की दूरी 3 लाख किमी है, यानी यह उल्का पिंड पृथ्वी से 30 लाख से भी अधिक किमी की दूरी से गुज़र जाएगा। लेकिन यह अपने आप में बड़े आकार का है। 1998 में नासा ने इसका पता लगा लिया था, इसी के चलते इसका नाम 1998 OR2 रखा गया है।
How close will the earth be on 29 April 2020 Asteroid :-
Small planets pass through the earth:-
29 April 2020 को पृथ्वी से आखिर कितना करीब होगा Asteroid :-
लघुग्रह धरती के पास से गुजरते रहते हैं :-
इस लघुग्रह के बहाने आप जान लीजिये कि हमारे सौर मंडल में ऐसे लघुग्रह गुजरते ही रहते हैं। भारतीय तारा भौतिकी संस्थान बेंगलुरु के वरिष्ठर वैज्ञानिक प्रो. आरसी कपूर PR. RC Kapoor कहते हैं कि 29 अप्रैल को पृथ्वीक के निकट आने वाले लघुग्रह की टकराने की संभावना नहीं है।NASA के अनुसार जब यह पृथ्वी के पास से गुजरेगा तो यह बहुत पास होगा। लेकिन इस पास होने का क्या अर्थ है। खगोलीय भाषा में समझें तो यह पृथ्वी एवं चांद की दूरी का भी 16 गुना होगा। पृथ्वी और चांद के बीच की दूरी करीब 3 लाख मील है। यानी एस्टेरॉयड करीब 48 लाख मील दूर से गुजरेगा लेकिन इसके बावजूद इसे करीब से गुजरना कहा जा रहा है, यह सुनकर सचमुच बहुत हैरत होती है। आपके मन में यह सवाल उठ रहा होगा कि पास यानी कितना पास और दूर यानी कितना दूर। आइये आपको NASA के ही कुछ स्पेशल वीडियो के ज़रिये समझाने की कोशिश करते हैं।
How many years has NASA been doing research?
नासा कितने सालों से रिसर्च कर रहा है?
अमेरिका की अंतरिक्ष शोध अनुसंधान एजेंसी नासा NASA को इस Asteroid के बारे में वर्ष 1998 में ही पता चल गया था। वैज्ञानिकों ने इसका नाम 52768 व 1998 ओआर-2 दिया है। इसकी कक्षा चपटे आकार की है। इसकी खोज 1998 में हुई थी और तभी से वैज्ञानिक इसका लगातार अध्ययन कर रहे हैं।गत 4 मार्च को USA अमेरिकी स्पेस रिसर्च एजेंसी नासा NASA (National Aeronautics and Space Administration) ने घोषणा की थी कि 29 अप्रैल को स्थानीय समय सुबह 5 बजकर 56 मिनट पर यह Asteroid एस्टेरायड पृथ्वी के पास से गुज़रेगा। यह भी कहा गया कि 1998 OR2 नाम का यह एस्टेरायड संभावित रूप से खतरनाक हो सकता है क्योंकि यह अपने आप में बहुत विशाल है। ऐसा एस्टेरायड पहले कभी नहीं देखा गया और शायद यह पृथ्वी के पास से गुज़रने वाला सबसे बड़ा Asteroid एस्टेरायड है।

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