Diwali kyu manaya jata hai in hindi
दीपावली कब हैं | When Diwali 2019 ?
दीपावली की सही तिथि Diwali 2019 Laxmi Puja :-
![]() |
Wish You Happy Diwali_From KhabariDuniyaaa |
शास्त्रों के इस नियम की वजह से इस वर्ष दीपावली 27 अक्टूबर को मनाई जाएगी। दरअसल इस वर्ष 27 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर चतुर्दशी तिथि समाप्त होकर अमावस्या तिथि शुरू हो रही है। 28 अक्टूबर को सुबह 9 बजकर 9 मिनट पर अमावस्या तिथि समाप्त हो जा रही है इसलिए पहली अमावस्या के दिन ही दीपावली मनाई जाएगी और 28 अक्टूबर को अन्नकूट का त्योहार मनाया जाएगा। दीपावली की तैयारी भारत में अभी से ही शुरू हो चुका है | इस त्योहार से पहले लोग अपने घरों की साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट करते हैं | दीपावली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा से पहले गणेश जी की पूजा होती है | इस दिन लोग अपने घरों को दीपों से सजाते हैं | इसलिए दीपावली को रोशनी का पर्व भी कहा जाता है |
दिवाली क्यों मानाया जाता है | Why Diwali is
Celebrated ?
“दीपावली” शब्द की उपत्ति :- ORIGIN OF WORD DIWALI / DEEPAWALI
दीपावली शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के 2 शब्दों “दीप” और “आवली” से हुई है। दीप का अर्थ है दीपक है जबकि आवली का मतलब लाइन है। इस तरह दीपावली का अर्थ है दीपकों की लाइन।
लक्ष्मी पूजा Laxmi Puja :-
दीपावली भारत में मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह हिन्दू धर्म का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है | इस त्यौहार को सिख, बौद्ध और जैन धर्म के लोग मनाते हैं। सिख समुदाय इसे बंदी छोड़ दिवस के रूप में मनाता है। शास्त्रों व कहावतों में दीपावली मनाने के अलग-अलग कारणों के बारे में बताया गया है। साधारणत: हम लोग दीपावली मनाने का कारण -- भगवान श्री राम के 14 का वनवास काटकर अयोध्या वापस लौटे थे। श्रीराम का स्वागत सत्कार करने के लिए अयोध्या के निवासियों ने घी के दीपक जलाए थे।उस दिन कार्तिक महीने की अमावस्या थी। घने अंधकार में प्रकाश करने के लिए अयोध्या वासियों ने दिए जलाए थे। तब से यह दिन हर साल सभी भारतीय प्रकाश पर्व (दीपावली) के रूप में मनाते हैं। यह त्यौहार दिखाता है कि बुराई पर सदैव अच्छाई की जीत होती है, सत्य की जीत सदैव होती है। यह त्यौहार कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है।
लेकिन इनके अलावा शास्त्रों के अनुसार दीपावली का यह त्योहार युगों की अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का भी साक्षी रहा है। जानिए दीपावली से जुड़ी 10 प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं -
1. लक्ष्मी अवतरण :- कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मां लक्ष्मी समुद्र मंथन द्वारा धरती पर प्रकट हुई थीं। दीपावली के त्योहार को मनाने का सबसे खास कारण यही है। इस पर्व को मां लक्ष्मी के स्वागत के रूप में मनाते हैं और हर घर को सजाया संवारा जाता है ताकि मां का आगमन हो।
2. भगवान विष्णु द्वारा लक्ष्मी जी को बचाना :- इस घटना का उल्लेख हमारे शास्त्रों में मिलता है। कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर राजा बलि से माता लक्ष्मी को मुक्त करवाया था।
3. भगवान राम की विजय :- रामायण के अनुसार इस दिन जब भगवान राम, सीताजी और भाई लक्ष्मण के साथ 14 वर्ष का वनवास पूर्ण कर अयोध्या वापिस लौटे थे। उनके स्वागत में पूरी अयोध्या को दीप जलाकर रौशन किया गया था।
4. नरकासुर वध :- भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध कर 16000 स्त्रियों को इसी दिन मुक्त करवाया था। इसी खुशी में दीपावली का त्यौहार दो दिन तक मनाया गया और इसे विजय पर्व के नाम से जाना गया।
5. पांडवोंं की वापसी -: महाभारत के अनुसार जब कौरव और पांडव के बीच होने वाले चौसर के खेल में पांडव हार गए, तो उन्हें 12 वर्ष का अज्ञात वास दिया गया था। पांचों पांडव अपना 12 साल का वनवास समाप्त कर इसी दिन वापस लौटे थे । उनके लौटने की खुशी में दीप जलाकर खुशी के साथ दीपावली मनाई गई थी ।
6. विक्रमादित्य का राजतिलक :- राजा विक्रमादित्य के राजतिलक का प्रसंग भी इसी दिन से जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि राजा विक्रमादित्य का राजतिलक इस दिन किया गया था, जिससे दिवाली का महत्व और खुशियों दुगुनी हो गईं ।
Dushara Kyu Manaya Jata Hai
7. आर्य समाज :- स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा आर्य समाज की स्थापना भी इसी दिन की गई थी । इस कारण भी दीपावली का त्योहार विशेष महत्व रखता है ।
8. जैन धर्म :- दीपावली का दिन जैन संप्रदाय के लोगों के लिए भी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है । जैन धर्म इस पर्व को भगवान महावीर जी के मोक्षदिवस के रूप में मनाता है । ऐसा माना जाता है कि कार्तिक मास की अमावस्या के दिन ही भगवान महावीर को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी ।
9. सिक्खों धर्म :- सिख धर्म के लिए भी दीपावली बहुत महत्वपूर्ण पर्व है । इस दिन को सिख धर्म के तीसरे गुरु अमरदास जी ने लाल पत्र दिवस के रूप में मनाया था जिसमें सभी श्रद्धालु गुरु से आशीर्वाद लेने पहुंचे थे । इसके अलावा सन् 1577 में अमृतसर के हरिमंदिर साहिब का शिलान्यास भी दीपावली के दिन ही किया गया था ।
10. सन् 1619 में सिक्ख गुरु हरगोबिन्द जी को ग्वालियर के किले में 52 राजाओं के साथ मुक्त किया जाना भी इस दिन की प्रमुख ऐतिहासिक घटना रही है । इसलिए इस पर्व को सिक्ख समाज बंदी छोड़ दिवस के रूप में भी मनाता हैं । इन राजाओं व हरगोबिंद सिंह जी को मुगल बादशाह जहांगीर ने नजरबंंद किया हुआ था ।
दीपावली कैसे मनाते हैं HOW IS DIWALI CELEBRATED / DEEPAWALI
दीपावली का इंतजार सभी बच्चों और बड़ों को होता है। लोग अपने घरों की सफाई करते हैं। हर तरह का कूड़ा उठाकर बाहर फेंकते हैं। उसके बाद दीवारों, घरों को रंग आ जाता है।
दुकानदार अपनी दुकान की सफाई करते हैं और नई पेंटिंग करते हैं।
दीपावली आते ही सभी बाजार चमक उठते हैं। सामानों से भर जाते है।
घर की स्त्रियां इस दिन रंगोली सजाती हैं।
बच्चे और पुरुष पटाखे लगाकर अपनी खुशियां मनाते हैं।
सभी लोग गणेश लक्ष्मी और अन्य देवताओं की पूजा पूरे विधि-विधान से करते हैं। देवी लक्ष्मी को घर आने के लिए निवेदन करते है जिससे घर में खुशहाली आती है।
दीपावली त्यौहार का महत्व :- IMPORTANCE OF DIWALI / DEEPAVALI
इस दिन हजारों लोग सोने के गहने, बर्तन, कपड़े और दूसरी चीजें खरीदते हैं। दुकानदारों और व्यापारियों के लिए यह त्यौहार प्रमुख है क्योंकि इस दिन बिक्री सबसे अधिक होती है। उनको ज्यादा से ज्यादा लाभ कमाने का मौका मिलता है।
सभी दुकानदारों को इस दिन का बेसब्री से इंतजार होता है। पटाखे और आतिशबाजी सामग्री के व्यापारी इस दिन माल बेचकर बहुत लाभ कमाते हैं। पटाखे से प्रदूषण भी होता है।
दीपावली से 2 दिन पहले धनतेरस का त्यौहार होता है। इस दिन बाजारों में बहुत रौनक होती है। धनतेरस के दिन बर्तन, सोने के गहने, टीवी, फ्रिज, कूलर, वाशिंग मशीन जैसे सामान लेना शुभ समझा जाता है । अब पिछले 2-4 सालों से लोग झाड़ू को लश्मी मन कर लोग अपने घर में एक झाड़ू अवस्य ही खरीदते है |
दिवाली और वायुप्रदुषण DEEPAWALI / DIWALI AND AIR POLLUTION
दीपावली में चलाये जाने वाले पटाखे और आतिशबाजी की सामग्री से बहुत प्रकार की हानियां होती हैं। इन पटाखों के अंदर ज्वलनशील पदार्थ बारूद होता है। पटाखों से अनेक प्रकार की दुर्घटनाएं होती हैं।
मैग्नीशियम, लेड, जिंक. कैडियम जैसे जहरीले पदार्थ होते हैं। बहुत बार फैक्ट्री में पटाखे बनाते समय ही ज्वलनशील पदार्थ में विस्फोट हो जाता है। हर साल बहुत से मजदूरों की जान चली जाती है। इन पटाखों को चलाने से बहुत सी हानियां हैं।
बहुत से बच्चे और बड़े भी पटाखों को चलाने में घायल हो जाते हैं। पड़ोस में आग भी लग जाती है। यह पटाखे बहुत सारा धुंआ और गैसें छोड़ते हैं जिससे वायु प्रदूषण होता है। इसलिए अब सरकार पटाखों और आतिशबाजी की सामग्री पर रोक लगा रही है।
सिर्फ 3 दिन पटाखों की बिक्री की जाती है। इस प्रकार के वायु प्रदूषण से बहुत सी बीमारियां होती हैं। अस्थमा और दिल के मरीजों को सांस लेने में बहुत तकलीफ होती है। इसके साथ ही छोटे बच्चों को भी सांस लेने में बहुत तकलीफ होती है। इसलिए हम सभी को प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने चाहिए।
प्रदूषण रहित दीपावली कैसे मनायें HOW TO CELEBRATE POLLUITION FREE DIWALI (SAFE DEEPAWALI)
Airplane Ke Bare Me Rochak Tathyहो सके तो पटाखे न चलायें। यदि बहुत आवश्यक हो तो इको फ्रेंडली पटाखे चलाएं। तेज आवाज वाले पटाखे बिल्कुल ना चलाएं क्योंकि इससे दुर्घटना होने की संभावना बहुत अधिक होती है। इसके अलावा उच्च क्षमता वाले पटाखे से दूर रहें।
इससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है। पटाखे हमेशा अधिकृत लाइसेंस वाली दुकान से ही खरीदना चाहिये। सस्ते और चाइनीस पटाखों से दूर रहें क्योंकि उनको चलाते समय दुर्घटना होने की संभावना बहुत अधिक होती है।
रॉकेट का इस्तेमाल खुली जगह में करना चाहिए। पटाखों को पास नहीं चलाना चाहिए। उनको दूर से चलाना चाहिए। अस्थमा और दमा के मरीजो को पटाखों से दूर रहना चाहिए।
निष्कर्ष: हम सभी को दीपावाली का त्यौहार धूमधाम से मनाना चाहिए पर इस दिन आतिशबाजी करने से बहुत सारा वायु प्रदूषण होता है। पटाखे बहुत ही खतरनाक होते हैं। हर साल बहुत से लोग आतिशबाजी करते हुए घायल हो जाते हैं।
आतिशबाजी के समय बहुत सारा धुंआ और गैस वायुमंडल में जाता है जिससे वायु प्रदूषण होता है। इसलिए बहुत से लोग दीपावली के दिन पटाखे ना जलाने की सलाह देते हैं। पटाखे चलाने में बहुत सारा धन व्यर्थ ही खर्च हो जाता है। यह धन यदि हम किसी गरीब व्यक्ति को दे दें तो पैसों का सार्थक इस्तेमाल होगा।
विश्व के देशों में दीवाली का त्योहार CELEBRATION OF DIWALI IN DIFFERENT COUNTRIES OF WORLD
यह त्यौहार भारत, नेपाल, श्रीलंका, मलेशिया, मॉरीशस, सिंगापुर, पाकिस्तान-ऑस्ट्रेलिया जी मनाया जाता है। नेपाल में यह विशेष धूमधाम से मनाई जाती है। इस दिन नेपाली संवत में नया साल शुरू होता है।
नेपाल :- नेपाल में दीवाली का त्योहार पांच दिनों तक चलता है। पहले दिन कौवे की पूजा की जाती है। उसे प्रसाद दिया जाता है। दूसरे दिन कुत्ते को उसकी ईमानदारी के लिए प्रसाद दिया जाता है। तीसरे दिन गाय को प्रसाद दिया जाता है। चौथे दिन बैल को प्रसाद दिया जाता है।
मलेशिया :- मलेशिया में दीपावली के दिन दूसरे धर्मों के लोगों को घर पर दावत दी जाती है।
श्रीलंका :- श्रीलंका में दीपावली का त्यौहार तमिल संप्रदाय के लोग मनाते हैं। इस दिन नृत्य, दावते और आतिशबाजी की जाती है।
यह भी पढ़े
Dushera Kyu Manaya Jata Hai
Hima das's Biodata
Prabhas's Biodata
संयुक्त राज्य अमेरिका :- संयुक्त राज्य अमेरिका में दीपावली का त्यौहार व्हाइट हाउस में मनाया जाता है। पहली बार सन 2003 में व्हाइट हाउस में दीपावली का त्यौहार मनाया गया था। पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश द्वारा इसकी घोषणा की गई थी। सन 2009 में राष्ट्रपति बराक ओबामा भी दिवाली के उत्सव में सम्मिलित हुए थे।
ब्रिटेन :- ब्रिटेन में बड़ी मात्रा में भारतीय रहते हैं। प्रिंस चार्ल्स बहुत बार दीपावली के उत्सव में शामिल हो चुके हैं। ब्रिटेन के स्वामीनारायण मंदिर में दीपावली का त्यौहार मुख्य रूप से मनाया जाता है।
मॉरीशस :- मॉरीशस में बड़ी मात्रा में हिंदू रहते हैं। दीपावली के दिन वहां पर सरकारी अवकाश होता है।
यह भी पढ़े ⇓
Amitabh Bachchan Biography
Salman Kkhan Biography
Face App Kya Hai ? Ye Kaise Use Kare
50 facts about dogs
दिवाली / लक्ष्मी पूजा Laxmi Puja के बाद कौन -
कौन से त्यौहार आता है :-
1. भाई दूज का त्यौहार FESTIVAL OF BHAI DOOJ :-
भाई दूज के दिन भाई बहन का गठ्बन्धन कर यमुना नदी में स्नान कराते हैं। बहन भाई के माथे पर तिलक लगाती है और कामना करती है कि वह सदैव दुखों और कष्टों से दूर रहे। भाई अपनी बहन को पैसा या अन्य कोई उपहार देता है।
2. छठ पूजा :-
दीपावली और छठ पर्व की तिथि को लेकर एक नियम है कि छठ दीपावली से ठीक छठे दिन मनाया जाता है। इस हिसाब से भी छठ पर्व 2 नवंबर को मनाया जाएगा, यानी सांझ का अर्घ्य 2 नवंबर को दिया जाएगा। इसके ठीक अगले दिन 3 नवंबर को सुबह सर्वार्थ सिद्धि योग में उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
नहाय खाय, व्रत और पूजापाठ :-
छठ पर्व 4 दिनों का भव्य पर्व है जिसका आरंभ नहाय खाय के साथ हो जाता है। इस वर्ष 31 अक्टूबर को नहाय खाय है। इस दिन छठ व्रती नदी या तालाब में स्नान करके एक समय भोजन करते हैं जिसमें कद्दू और सरसों का साग खाना अनिवार्य माना गया है। व्रती को इस दिन से सहयोगियों की जरूरत होती है। छठ पर्व के लिए लोग इस दिन से सामग्री जुटाना आरंभ कर देते हैं।
खरना और व्रत की कामना :-
( मुझे उम्मीद है की आपको मेरी यह लेख दीवाली क्यों मानाया जाता है Why Diwali is Celebrated जरुर पसंद आई होगी | मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है की readers को दिवाली क्यों मानाया जाता है Why Diwali is Celebrated के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये जिससे उन्हें किसी दुसरे sites या internet में उस article के सन्दर्भ में खोजने की जरुरत ही नहीं है |
इससे उनकी समय की बचत भी होगी और एक ही जगह में उन्हें सभी information भी मिल जायेंगे| यदि आपके मन में इस article को लेकर कोई भी doubts हैं या आप चाहते हैं की इसमें कुछ सुधार होनी चाहिए तब इसके लिए आप नीच comments लिख सकते हैं |
यदि आपको यह post दिवाली क्यों मानाया जाता है Why Diwali is Celebrated हिंदी में पसंद आया या कुछ सीखने को मिला तब कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook, Twitter और दुसरे Social media sites share कीजिये

1 تعليقات
plese share its...